mobile ki speed kaise badhaye सिर्फ ये तरीका अपनाये

अभी के समय में मोबाइल की जानकारी नहीं है तो आप कितने भी महगें मोबाइल यूज करें आपको कुछ न कुछ प्रॉब्लम आएगी ही। या तो कुछ दिन मोबाइल चलने के बाद मोबाइल की स्पीड धीमी हो जाएगी या इंटरनेट स्पीड कम हो जाएगी। इसके लिए आप कंपनियों को दोष देंगे।

आपको बता दें की मोबाइल की स्पीड 60 प्रतिशत आपके हाथ में रहता है। आप चाहे तो अपने मोबाइल की स्पीड हमेशा तेज रख सकते हैं। आप मोबाइल खरीदते हैं तो अब सबसे पहले रैम देखते हैं की कितना ज्यादा रैम है।

आपको लगता है की रैम जितना ज्यादा रहेगा मोबाइल की स्पीड उतनी अच्छी होगी ! लेकिन ऐसा नहीं है ये अधूरी सच है। रैम चाहिए लेकिन कितना चाहिए और किस तरह का रैम रहना चाहिए ,स्टोरेज कितना रहना चाहिए और किस तरह का स्टोरेज रहना चाहिए। सारी जानकारी इस आर्टिकल में देने वाला हूँ।

अच्छे मोबाइल स्पीड के लिए ऐसे मोबाइल्स खरीदिये

Contents

अगर आप अभी मोबाइल नहीं ख़रीदे हैं और खरीदने वाले हैं तो तो मेरे इन कुछ बातों को ध्यान में रखिये। आपकी आधी परेशानी खत्म हो जाएगी। क्योंकि कहीं न कहीं आपके मोबाइल के फीचर्स और स्पेसिफिकेशन बहुत रोल निभाता है मोबाइल की स्पीड के लिए।

mobile ki speed kaise badhaye सिर्फ ये तरीका अपनाये
Mobile ki speed badhega

किसी भी ब्रांड का मोबाइल खरीद रहें हैं तो इन छह पॉइंट को देख कर खरीदिये मोबाइल कभी भी हैंग नहीं करेगा और स्पीड भी बहुत अच्छी रहेगी।

  1. प्रोसेसर (processor)
  2. ऑपरेटिंग सिस्टम (oprating system)
  3. रैम (RAM)
  4. स्टोरेज (Storage)
  5. डिस्प्ले (Display)
  6. बैटरी (Battery)

किसी भी मोबाइल्स के लिए प्रोसेसर बहुत ही मायने रखता है। मैंने बहुत लोगों से पूछ आपके मोबाइल में कौन सा प्रोसेसर लगा हुआ है ? लोगों को पता भी नहीं होता है की मोबाइल में प्रोसेसर नाम का भी कोई चीज होता है।

जब आपको ये पता नहीं है की कौन सा प्रोसेसर लगा हुआ है तो आपको कैसे पता चलेगा की किस प्रोसेसर में कितनी क्षमता है। आपको बता दें की प्राइस के अनुकूल प्रोसेसर भी मिलता है। तो आप प्राइस के अनुकूल ही अपनी मोबाइल की क्षमता हो आंक सकते है।

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मोबाइल स्पीड के लिए बेस्ट प्रोसेसर

अभी दुनिया में सबसे फ़ास्ट मोबाइल प्रोसेसर सिर्फ तीन है :-

  1. Apple A15 Bionic
  2. Apple A14 Bionic
  3. Qualcomm snapdragon 888

लेकिन ये प्रोसेसर फ्लैगशिप मोबाइल में ही देखने को मिलेंगे। चलिए हम बात कर लेते हैं शुरू से अभी सबसे अच्छे मोबाइल प्रोसेसर सिर्फ दो ही कंपनियां बनाती है मीडिएटेक और क्वालकॉम

मोबाइल रेंज प्रोसेसर
12000 के अंदर वाले मोबाइल mediatek helio G80,G85,G90,G95 और
qualcomm का snapdragon 662 (इससे ऊपर ) 710 (इससे ऊपर)
15000 के अंदर वाले मोबाइल qualcomm का snapdragon 720,730 (इससे ऊपर)
20000 के अंदर वाले मोबाइल qualcomm का snapdragon 750,855 (इससे ऊपर) और
mediatek dimensity 800 (इससे ऊपर )
30000 के अंदर वाले मोबाइल qualcomm का snapdragon 778,870 (इससे ऊपर) और
mediatek dimensity 1000 (इससे ऊपर )
50000 के अंदर वाले मोबाइल qualcomm का snapdragon 888 और
mediatek dimensity 1200 (इससे ऊपर )
50000 से ऊपर वाले मोबाइल qualcomm का snapdragon 888 प्लस और
Apple A15 Bionic
Apple A14 Bionic

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ऑपरेटिंग सिस्टम ऐसा होगा तो मोबाइल फ़ास्ट चलेगा

ऑपरेटिंग सिस्टम मोबाइल को फ़ास्ट रखने में बहुत भूमिका निभाता है। कितना भी अच्छा प्रोसेसर आपके मोबाइल में है तब भी मोबाइल फ़ास्ट नहीं होगा जब तक ऑपरेटिंग सिस्टम ऑप्टिमाइज़ नहीं है और हल्का नहीं है।

कौन सी कम्पनी का ऑपरेटिंग सिस्टम अच्छा होता है और कौन से ऑपरेटिंग सिस्टम अच्छा होता है परफॉर्मेंस के लिए। आपको बता दें की ऑपरेटिंग सिस्टम को कंपनियां अपडेट द्वारा ऑप्टिमाइज़ करती रहती है। हो सकता है अभी जिस मोबाइल की ऑपरेटिंग सिस्टम को हम ख़राब कह रहें हैं बाद में सबसे अच्छा हो जाये। मैं अभी जो ऑपरेटिंग सिस्टम और कस्टम ui आपको रेमंड कर रहा हूँ ये भविष्य में बदल भी सकता है।

ऑपरेटिंग सिस्टम जितना हल्का होगा उतना ही फ़ास्ट होगा तो सबसे हल्का ऑपरेटिंग सिस्टम किस कम्पनी के मोबाइल में है। जिस कम्पनी के मोबाइल में ज्यादा apps पहले से इन्टॉल आता है। मोबाइल में ब्लॉट बेयर है। ऐसे मोबाइल कभी भी फ़ास्ट नहीं हो सकता है।

अभी रेडमी के मोबाइल में सबसे ज्यादा विज्ञापन आते रहता है और ऑपरेटिंग सिस्टम भी बहुत भारी और जटिल है। सबसे अच्छा android one ऑपरेटिंग सिस्टम होता है। एप्पल के मोबाइल का ऑपरेटिंग सिस्टम बहुत ऑप्टिमाइज़ रहता है,उसके बाद गूगल के मोबाइल का ऑपरेटिंग सिस्टम बहुत ही अच्छा मिलेगा।

सैमसंग के फ्लैगशिप मोबाइल्स का ऑपरेटिंग सिस्टम बहुत अच्छे होते हैं। मोटोरोला के मोबाइल का ऑपरेटिंग सिस्टम हल्का होता है। मैक्रोमैक्स के नए मोबाइल का ऑपरेटिंग सिस्टम बहुत हल्के आने लगे है। oneplus का ऑपरेटिंग सिस्टम अच्छे हैं। वैसे आप खुद जज कर सकते हैं किस कम्पनी का ऑपरेटिंग सिस्टम अच्छे हैं।

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मोबाइल स्पीड के लिए रैम कैसा हो

मोबाइल को फ़ास्ट रखने के लिए रैम भी बहुत मायने रखता है। बारे साइज के रैम से उतना मोबाइल स्पीड में फर्क नहीं होता है लेकिन रैम टाइप बहुत मायने रखता है। रैम साइज 6GB काफी होता है। वैसे ज्यादा रैम साइज लेने से कोई फायदा नहीं होने वाला सिर्फ रुपैया ज्यादा लग जाता है।

रैम साइज नहीं रैम टाइप बहुत मायने रखता है LPDDR4X ,LPDDR5 बहुत ही फ़ास्ट है। LPDDR4X रैम टाइप 20000 से कम के प्राइस में मिल जायेगा।

मोबाइल स्पीड के लिए स्टोरेज कैसा होना चाहिए

मेरे अनुसार रैम से ज्यादा महत्पूर्ण स्टोरेज की स्पीड मायने रखता है। सबसे पहले स्टोरेज साइज की बात करें तो 32GB ,64GB ,128GB कोई भी ले कुछ फर्क नहीं पड़ने वाला सिर्फ आपको हमेशा देखना होगा ही स्टोरेज हमेशा ज्यादा से ज्यादा खली हो।

स्टोरेज टाइप तो बहुत ही मायने रखता है। अगर UFS 2.1, 2.2 है तो अच्छा है लेकिन 30000 के ऊपर के रेंज में कोई भी मोबाइल खरीद रहें हैं तो UFS 3.0 से ऊपर स्टोअरगे टाइप रहना चाहिए। eMMC टाइप अच्छे नहीं होते हैं ये 10000 से कम के प्राइस रेंज में देखने को मिल जाता है।

मोबाइल स्पीड के लिए डिस्प्ले कैसा होना चाहिए

डिस्प्ले मायने तो रखता है लेकिन स्पीड में थोड़ा बहुत फर्क पड़ता ही है। डिस्प्ले रेफ्रिश रेट मायने रखता है 90Hz ( या उससे ज्यादा) अच्छे होते हैं स्पीड में कुछ भूमिका निभा देते हैं। डिस्प्ले पैनल अगर अमोलेड ( या उससे ज्यादा )है तो अच्छे होते हैं स्पीड में भूमिका निभाते हैं।

मोबाइल स्पीड के लिए बैटरी कैसा रहना चाहिए

बैटरी बहुत ही महत्पूर्ण होता है। बैटरी अच्छी नहीं है तो मोबाइल हैंग भी करता है मोबाइल ज्यादा हीट होगा तो भी हैंग होता है। बैटरी 4500mah या उससे ज्यादा ही रहता है। चार्जिंग टेक्नोलॉजी भी परफॉर्मेंस पर असर करता है। वैसे ज्यादा हार्डवेयर लगा हुआ है आपके मोबाइल में तो वह परफॉर्मेंस को असर करता ही है। बैटरी कम चार्ज पर मोबाइल चलाएंगे तो मोबाइल की स्पीड कम मिलेगी मोबाइल हैंग भी कर सकता है।

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    अगर मोबाइल स्लो चलता है तो ये करें

    अगर आप मोबाइल पहले ही सोच समझ कर नहीं ख़रीदा है और मोबाइल हैंग करता है और मोबाइल स्लो है। रैम बहुत ज्यादा है तब भी स्लो चलता है। ऐसा क्यों होता है ? अगर ऐसा होता है तो क्या करें। चलिए जानते हैं डिटेल में।

    अगर मोबाइल स्लो चल रहा है या नेट फ़ास्ट नहीं चल रहा है तो सबसे पहले अपने मोबाइल में कुछ चीज को देखिये। नीचे बताया गया है।

    1. मोबाइल अभी हीट है।
    2. मोबाइल का बैटरी बहुत कम है।
    3. चार्ज में लगा कर मोबाइल चला रहें हैं।
    4. बैकग्रॉउंट में बहुत सारे एप्लीकेशन चल रहा है।
    5. मोबाइल स्टोरेज भर गया है।
    6. मोबाइल में फालतू एप्लीकेशन है।
    7. एप्लीकेशन का वजन बढ़ गया है।

    मोबाइल हीट हो रहा है ये करें

    अगर आपका मोबाइल हीट है मतलब गर्म है तो मोबाइल स्लो चलेगा और हैंग भी करेगा। इसके लिए जब आपका मोबाइल गर्म होता है तो उसे चलना छोड़ दे उसे किसी ठंडे जगह में रख दें फ्रीज़ में नहीं रखना है। जब आपका मोबाइल ठंडा हो जाता है तब उसे चलाये।

    मोबाइल गर्म होने के बहुत सारे कारण हो सकते हैं। जैसे किसी गर्म जगह पर मोबाइल चलना,धुप में मोबाइल चलना, चार्जिंग के वक्त भी मोबाइल गर्म होता है, बैकग्रॉउंट में एप्लीकेशन का चलना ,हैवी एप्लीकेशन को चलना जैसे गेम, वीडियो एडिटिंग, वीडियोग्राफी

    सबसे पहले तो अपने मोबाइल को समझिये की ये कौन कौन से काम को झेल सकते हैं। उसके हिसाब से मोबाइल पर काम कीजिये। ज्यादा गर्म मोबाइल का यूज नहीं करना चाहिए ये फट भी सकता है। फ़ास्ट चार्जर भी मोबाइल को हीट करता है सबसे अच्छा फस्ट चार्जर 20 वाटस से कम को ही माना जाता है। वैसे फ़ास्ट चार्जर जितने वाटस का आपके मोबाइल सपोर्ट करता है उससे कम ही यूज करते हैं तो अच्छा मना जाता है।

    बैटरी कम चार्ज हो तो क्या करें

    अगर बैटरी का चार्ज बहुत कम बचा है तब भी मोबाइल को चला रहें हैं तो आपके मोबाइल का डिस्प्ले पैनल खत्म भी हो सकता है। खैर अभी के समय में मोबाइल में AI (आर्टिफीसियल इंटेलिजेंट ) और मशीन लर्निंग दिया जाता है जो मोबाइल को बैटरी पूरी तरह से खत्म होने से पहले स्विच ऑफ कर देता है।

    एक मानक और अनुभव के अनुसार आप अपने मोबाइल की बैटरी को 80 प्रतिशत से ज्यादा चार्ज नहीं करते हैं और 40 प्रतिशत से कम बैटरी में मोबाइल को नहीं चलते हैं तो बैटरी सेफ रहता है। कम बैटरी पर मोबाइल चला रहें हैं तो मोबाइल हैंग के साथ साथ स्लो भी चलेगा इसका एक ही उपाय है कम बैटरी पर मोबाइल न चलाये।

    मोबाइल कब नहीं चलना चाहिए

    मोबाइल अगर चार्ज में लगा कर चला रहें हैं तो ऐसा बिलकुल भी न करें। अगर चार्ज में लगा कर मोबाइल चला रहें हैं तो मोबाइल स्लो होगी ही क्योकि चार्जिंग के समय मोबाइल हीट होता है अगर हीट होता है तो मोबाइल स्लो होगा ही। वैसे भी चार्जिंग के समय मोबाइल नहीं चलना चाहिए क्योंकि चार्जिंग के समय में मोबाइल के बैटरी में कैमिकल रिएक्शन होते रहता है और मोबाइल चलते हैं तो बैटरी से कर्रेंट भी लेते रहता है मोबाइल।

    इसलिए उस समय आपके मोबाइल के बैटरी पर दो तरह के काम होने लगता है एक तो करंट लेना और दूसरा करंट देना। मेरे अनुसार ऐसा नहीं करना चाहिए।

    बैकग्राउंड एप्लीकेशन बंद करें मोबाइल फ़ास्ट चलेगा

    बैकग्राउंड में बहुत ज्यादा एप्लीकेशन चल रहा है तो मोबाइल स्लो होगा ही क्योंकि उस समय मोबाइल पर ओवरलोड रहता है। जब कोई हार्ड वर्क अपने मोबाइल पर कर रहें हैं तो बैकग्राउंड में चल रहें फालतू के एप्लीकेशन को बंद कर दीजिये आपका मोबाइल ठीक से वर्क करने लगता है।

    वैसे बहुत सारे सॉफ्टवेयर आपके मोबाइल में हमेशा चलते रहता है। वे सॉफ्टवेयर ऑपरेटिंग सिस्टम का ही हिस्सा होता है और वह रन नहीं करेगा तो आपका मोबाइल भी नहीं चलेगा। इसलिए जब आपके मोबाइल का रैम 4gb रहता है और रैम को क्लियर करते हैं तो सिर्फ 2gb के लगभग ही रैम खली हो पता है। जो 2gb रैम आपके मोबाइल में भरा रह गया उस 2gb में ऑपरेटिंग सिस्टम का सॉफ्टवेयर रन करते रहता है।

    स्टोरेज मैनेज ऐसे करें मोबाइल फ़ास्ट चलेगा

    मोबाइल के स्टोरज अगर फुल हो गया है तो भी आपका मोबाइल स्लो काम करेगा और हैंग भी करेगा। सबसे ज्यादा मोबाइल स्लो और हैंग इसी वजह से होता है। जब आप कोई भी एप्लीकेशन को डाउनलोड करते हैं और इन्टॉल करते हैं तो वह स्टोरेज में ही रहता है। और जब आप उसे खोलते हैं तो वह रैम मेमोरी में कॉपी होके आता है।

    अगर मोबाइल के स्टोरेज की स्पीड कम है तो वह खुलने में देरी करेगी। और अगर मोबाइल स्टोरेज फुल है तब भी बहुत देरी से एप्लीकेशन या दूसरे फाइल खुलेगा। अगर ऐसा है तब भी मोबाइल स्लो होगा। इसके लिए आप अपने मोबाइल के स्टोरेज को ज्यादा से ज्यादा खाली कर के रखिये।

    फालतू एप्लीकेशन को ऐसे डिलीट करें मोबाइल फ़ास्ट चलेगा

    मोबाइल में फालतू के एप्लीकेशन रखेंगे जिसका यूज आप नहीं करते हैं तो मोबाइल स्लो और हैंग होगा ही। पहली बात तो वह एप्लीकेशन आपके स्टोरेज को भर कर रखेगा दूसरी बात यह है की बैकग्राउंड में वह फालतू के एप्लीकेशन चलते रहेगा जिससे मोबाइल स्लो काम करेगा।

    इसलिए ऐसे एप्लीकेशन नहीं रखें मोबाइल में जिसे आप यूज नहीं करते है। अगर आपको लगता है की ये एप्लीकेशन बहुत काम का है और बाद में यूज करगें तो आप डिलीट कर दीजिये क्योंकि वह एप्लीकेशन कहीं जाने वाला नहीं है वह प्ले स्टोर पर ही रहेगा कभी भी इंस्टाल कर सकते हैं।

    अगर एप्लीकेशन का साइज बड़ा है आप चाहते हैं की इसे मोबाइल में ही रखना चाहिए तो आप उस एप्लीकेशन का बैकअप कर के sd कार्ड में सेव कर लीजिये जब जरुरी होगा तब इन्टॉल कर लीजियेगा फिर उसे अनइंटॉल कर दीजियेगा। मोबाइल एप्लीकेशन जितना कम रखेंगे उतना अच्छा होगा।

    एप्लीकेशन का वजन को घटाएं मोबाइल फ़ास्ट चलेगा

    एप्लीकेशन का वजन से मेरा मतलब है एप्लीकेशन के साइज को बढ़ना जब आप कोई एप्लीकेशन डाउनलोड करते है तो कम साइज का रहता है औरजब आप कुछ दिन उस एप्लीकेशन का यूज करते हैं तब एप्लीकेशन का साइज बढ़ जाता है।

    एप्लीकेशन का साइज इसलिए बढ़ता है क्योंकि एप्लीकेशन पर जो भी एक्टिविटी करते है वह एक प्रोजेक्ट के रूप में स्टोर होते रहता है उस एप्लीकेशन में। इससे आपके एप्लीकेशन भी स्लो हो जाता है और स्टोरेज भी भरता है। इसके लिए एप्लीकेशन के कैच को समय समय पर क्लीन करते रहना चाहिए हो सके तो एप्लीकेशन को रिस्टोर भी करना चाहिए।

    इन्हें भी पढ़ें:-(न्यू मोबाइल्स)

    मोबाइल की स्पीड हमेशा बरक़रार रखने के लये ऐसा करें

    मोबाइल के स्पीड को हमेशा एक जैसा रखने के लिए आपको फालतू एप्लीकेशन मोबाइल से हटा देना चाहिए या डिसेबल कर देना चाहिए। और मोबाइल के स्टोरेज को हमेशा खाली रहें। मोबाइल को हीट न होने दे। ऐसे मोबाइल ख़रीदे जिसमे ब्लॉट बेयर न हो मतलब विज्ञापन न हो। ऑपरेटिंग सिस्टम बहुत ऑप्टिमाइज़ और हल्का रहना चाहिए।

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    [ ये जानकारी लेखक के अपने अनुभव, प्रयोग और वास्तिवक जानकारी पर आधारित है ]

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